Tags » Controversy

Mike Huckabee: 'Redefinition of love' threatens marriage

WASHINGTON — Mike Huckabee says marriage is “in trouble today” because of the “redefinition of love” — no matter who’s in the relationship.

And, the former Arkansas governor said Sunday, that’s a problem “in every definition of marriage — be it heterosexual or homosexual or polygamy or wherever the marriage redefinition ends up taking us over the course of the next few years.” 467 more words

News

The Confederate Flag and Racism: A Historian's Perspective

In the wake of last week’s tragedy in South Carolina, Americans, including myself, have dealt with the situation in the best way we know how: posting about it on Facebook. 1,624 more words

America

आज खुश तो बहुत होगे तुम...

आज तुम पैकेज नहीं बनाओगे, आज तुम वो जलती हुई चिता भी नहीं दिखाओगे, न ही तुम रोते हुए उन मां-बाप के आंसू दिखाओगे जो उस जवान बेटे को जिंदा देखने के लिए तरस रही हैं जो तुम्हारे लिए मर गया. तुम उस चिता की राख को भी नहीं दिखाओगे जो अब भी ठंडी नहीं हुई है, धधक रही है उसी जज्बे के साथ जिसके दम पर कभी तुमने कभी वाहवाही लूटी होगी.

आज तुम दिखाओगे नेताओं के जुबानी किस्से, तुम दिखाओगे बाजार का बकवास, तुम दिखाओगे उस घर के बंद दरवाजे, लेकिन उन मां-बाप या उस बहन के रोते हुए चेहरे आंखों में तुम्हारा कैमरा नहीं घूमेगा, क्योंकि तुम अब अपनी ही नजरों में गिर चुके हो. पूरी तरह. उनके आंसू देखने के लिए तुम्हें उनकी आंखों में देखना होगा. लेकिन उनसे नजरें मिलाने का दम तुम में है ही नहीं.

याद करो, जब जंतर मंतर पर केजरीवाल की सभा के सामने एक किसान मरा था, तुमने एक पल में ये तय कर दिया था कि केजरीवाल दोषी है, उसे इस्तीफा दे देना चाहिए. क्योंकि ये सब दिखाने में तुम्हारा फायदा था, तिजोरी भरनी थी. लेकिन आज तुम ऐसा बिल्कुल नहीं करोगे. आज तुम कुछ नहीं बोलोगे. क्योंकि आज तुम्हारा एक अपना मरा है. आज तुम सिर्फ ट्वीट करोगे, ट्विटर के जरिए इंसाफ मांगोगे. आज तुम सिर्फ अपील करोगे दलील नहीं दोगे. तुम उन दो लोगों को भी सामने नहीं लाओगे जिनके साथ वो रिपोर्ट कवर करने गया था. तुम उस शख्स को भी नहीं सामने लाओगे जिसके घर के बाहर वह मर गया.

तुम्हारे अंदर का पत्रकार आज मर गया है. आज तुम सिर्फ एक टट्टू हो. जो इशारे पर नाचोगे. एक लाइन पर चलोगे. तुम्हें लाख रुपए की नौकरी गवां देने का डर है, तुम्हें करोड़ों के विज्ञापन गवां देने का डर है, जिनमें तुम कमीशन खाते हो, तुम्हें उस चाटुकारिता का फर्ज भी अदा करना है, जिसके दम पर तुम ऐशो-आराम लूटते रहे हो. तुम्हें कोई गम नहीं कि तुम्हारे बीच का कोई एक साथी आज नहीं रहा. क्योंकि तुम सेफ हो अभी. तुमने सारे फर्ज पूरे करके अपनी कुर्सी बचा ली है. सिवाय एक फर्ज के जिसके जरिए तुम न जाने कितनी और जानें बचा सकते थे अपनी कुर्सी के साथ और सिर उठाकर चलने का दम भर सकते थे.

आज तुम्हारी उंगलियां कीबोर्ड पर नहीं चलेंगी. आज तुम फेसबुक पर नैतिकता का बखान नहीं करोगे. आज तुम क्रांतिकारी पत्रकार और सबसे सच्चे ईमानदार होने का भी दम नहीं भरोगे, क्योंकि तुम्हें पता है, तुम सामने आओगे तो लोग तुमसे सवाल करेंगे. तुम्हारे वजूद पर सवाल करेंगे. शर्म करो कि तुम पत्रकार हो!

आधा-अधूरा

The answer to differences.

With this whole on-going social media war over legalizing same-sex marriage in USA, if Allah has allowed me to reflect correctly, how APT and APPROPRIATE is this verse in telling us to give a dignified response? 157 more words

Changing with the times

The clamant cry of the reformer is that we must ‘change with the times’. This carries with it the unspoken, and certainly unproven, assumption that the ‘times’ are changing in a good way, and that the path of wisdom is to get ‘with it’. 511 more words

Faith

No tolerance zone!

The recent controversy relating Shruti Seth has again left me amused ! A comment from her on the campaign #SelfieWithDaughter has created backlash among twitterati followers of our PM.Her remark “Selfie Obsessed PM” has drawn flak from all the followers and even slander from the more aggressive of the lot. 318 more words

Controversy