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Rama Sethu 18 Miles Hanuman Flew 800 Miles

Lord Rama went to Sri Lanka and brought back Sita, after killing Ravana, who had kidnapped Sita.

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Hinduism

Sita.... by Devdutt Patanaik

Ended up buying this book while I was looking for another book by the same author. The reason the book pulled me was the name…. “Sita”. 837 more words

Sita Sings the Blues

Aditi Kapil isn’t the only contemporary female artist to re-imagine the Hindu epics and cosmology. One hallmark film of the past several years is Nina Paley’s SITA SINGS THE BLUES, which interprets the famous love story Ramayana (featured in the play… 62 more words

Kalki Blog

Book Review: Ramayana - The Game of Life: Rise of the Sun Prince

Amish Tripathi, Devdutt Pattanaik, Ashwin Sanghi & Chitra Banerjee Divakaruni among others are some of the famous names, readers in India associate with mythological fiction. With captivating storylines and interesting characters, mythological fiction is finding a lot of readers in India. 464 more words

Book Review

माँ सीता की सतीत्व-भावना

भगवान श्रीराम के वियोग तथा रावण और राक्षसियों के द्वारा किये जानेवाले अत्याचारों के कारण माँ सीता अशोक वाटिका में बड़ी दुःखी थीं। न तो वे भोजन करतीं न ही नींद। दिन-रात केवल श्रीराम-नाम के जप में ही तल्लीन रहतीं। उनका विषादग्रस्त मुखमंडल देखकर हनुमान जी ने पर्वताकार शरीर धारण करके उनसे कहाः “माँ ! आपकी कृपा से मेरे पास इतना बल है कि मैं पर्वत, वन, महल और रावणसहित पूरी लंका को उठाकर ले जा सकता हूँ। आप कृपा करके मेरे साथ चलें और भगवान श्रीराम व लक्ष्मण का शोक दूर करके स्वयं भी इस भयानक दुःख से मुक्ति पा लें।”

भगवान श्रीराम में ही एकनिष्ठ रहने वाली जनकनंदिनी माँ सीता ने हनुमानजी से कहाः “हे महाकपि ! मैं तुम्हारी शक्ति और पराक्रम को जानती हूँ, साथ ही तुम्हारे हृदय के शुद्ध भाव एवं तुम्हारी स्वामी-भक्ति को भी जानती हूँ। किंतु मैं तुम्हारे साथ नहीं आ सकती। पतिपरायणता की दृष्टि से मैं एकमात्र भगवान श्रीराम के सिवाय किसी परपुरुष का स्पर्श नहीं कर सकती। जब रावण ने मेरा हरण किया था तब मैं असमर्थ, असहाय और विवश थी। वह मुझे बलपूर्वक उठा लाया था। अब तो करुणानिधान भगवान श्रीराम ही स्वयं आकर, रावण का वध करके मुझे यहाँ से ले जाएँगे।”

MAA

வாலீஸ்வரர் கோவில் வரலாறு

அருள்மிகு சேவூர் அறம் வளர்த்த நாயகி உடனமர்  வாலீஸ்வரர் எனும்  கபாலீஸ்வரர்  கோவில் வரலாறு.

சேவூர்

“கோ” என்றால் பசு, அதே போல் “சே” என்றால் மாடு என்று பொருள். அதனால் சேவூரில் ஆட்சி செய்யும் இறைவனை ஆன்மிக சான்றோர் பலரும்

“மாட்டூர் அரவா” என்றே போற்றுகின்றனர். சேவூரின் புராண பெயர் ரிஷாபபுரி(மாட்டூர்) அதாவது மாடும் புலியும் ஒன்றாக விளையாடும் புண்ணிய பூமி இது.  மேலும் சேவூர் கொங்கு நாட்டின் தலைநகர் என்பதை இத்திருக்கோவில் வரலாறு மூலம் அறியலாம்.

கோவில்கள்

Painless burn and the invisible scar

It was an easy fix -
Shimmering make-up
Pink eye shadow
Eye liner
Mascara
Lip gloss..
Smile…
Silence 77 more words

Woman