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	<title>हसीं &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
	<link>http://wordpress.com/tag/हसीं/</link>
	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "हसीं"</description>
	<pubDate>Sun, 06 Jul 2008 13:32:58 +0000</pubDate>

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	<language>en</language>

<item>
<title><![CDATA[न कोई शिकायत है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=987</link>
<pubDate>Sat, 14 Jun 2008 13:58:57 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=987</guid>
<description><![CDATA[न कोई शिकायत है तुझसे न कोई गिला है
तुम ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color:#000000;">न कोई शिकायत है तुझसे न कोई गिला है<br />
तुम अपने हसीं लबों से हर्फ़ छुओ न छुओ</span></p>
<p><span style="color:#000000;">कम-स-कम बाहम निगाहों में गुफ़्त-गू है!</span></p>
<p>बाहम= आपस में</p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[एक दोस्त मेरा भी हो]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=985</link>
<pubDate>Sat, 14 Jun 2008 13:13:53 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=985</guid>
<description><![CDATA[एक दोस्त मेरा भी हो
एक यार मेरा भी हो
जि]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color:#000000;">एक दोस्त मेरा भी हो<br />
एक यार मेरा भी हो<br />
जिसकी बाँहों में मुझे<br />
मिल जाये ज़िन्दगी<br />
जो झूठ-मूठ रूठ के<br />
सताये, करे दिल्लगी</span></p>
<p><span style="color:#000000;">देखे हमने कई हसीं<br />
लेकिन वह मिला नहीं<br />
जो पहली नज़र में<br />
दिल में उतर जाये<br />
जो गहने उतारे गर<br />
तो और सँवर जाये</span></p>
<p><span style="color:#000000;">दिल की दोस्ती के लिए<br />
एक दोस्त मेरा भी हो<br />
एक यार मेरा भी हो</span></p>
<p><span style="color:#000000;">ख़ुशबू हसीनों की मुझे<br />
हमेशा बुलाती रही है<br />
जो अभी देखी नहीं वह<br />
शमअ, जलाती रही है<br />
उसकी सादगी, नयी<br />
सुबह दिखाती रही है</span></p>
<p><span style="color:#000000;">सदा मुस्कुराने के लिए<br />
एक दोस्त मेरा भी हो<br />
एक यार मेरा भी हो</span></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४ </p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[इश्क़ सुना है हमने बहुत]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=972</link>
<pubDate>Sun, 11 May 2008 13:33:10 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=972</guid>
<description><![CDATA[इश्क़ सुना है हमने बहुत
ज़रा करके तो देख]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color:#000000;">इश्क़ सुना है हमने बहुत<br />
ज़रा करके तो देखें<br />
मिल जाये कोई कमसिन हसीना<br />
उसपे मरके तो देखें<br />
हाए रे हाए, हाए रे हाए<br />
इश्क़ करके तो देखें</span></p>
<p><span style="color:#000000;">सुना है हसीं होता है इश्क़<br />
इश्क़ में सभी मौसम हसीं हो जाते हैं<br />
ख़ुश्बू है कोई, हाथों से छुई<br />
मुरझाये गुल, ताज़ा-तरीं हो जाते हैं</span></p>
<p><span style="color:#000000;">मिल जाये कोई कमसिन हसीना<br />
उसपे मरके तो देखें<br />
हाए रे हाए, हाए रे हाए<br />
इश्क़ करके तो देखें</span></p>
<p><span style="color:#000000;">कोई फुलझड़ी, कोई रूबीना<br />
कभी तो पास आये, लौ से लौ लगाये<br />
आये ज़रा, लगके मेरे गले<br />
दिल की प्यास बुझाये, बे-तस्कीं मिटाये</span></p>
<p><span style="color:#000000;">अब तक हसीं, देखे कई<br />
वह तो इनमें नहीं हैं<br />
हाए रे हाए, हाए रे हाए<br />
वह तो और कहीं हैं</span></p>
<p><span style="color:#000000;">कमबख़्त यह दिल परेशाँ<br />
जलता है ख़ुद, मुझको जलाता भी है<br />
ऐ मेरे ख़ुदा क्या मुझसे गिला<br />
तू क्यों मुझको उससे मिलाता नहीं है<br />
</span></p>
<p><span style="color:#000000;">इश्क़ सुना है हमने बहुत<br />
ज़रा करके तो देखें...</span></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[वह कब आयेगी]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=969</link>
<pubDate>Sat, 26 Apr 2008 10:43:40 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=969</guid>
<description><![CDATA[वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी
जिसका इ‍ंति]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color:#000000;">वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी<br />
जिसका इ‍ंतिज़ार करता हूँ यारा<br />
जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा<br />
वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी<br />
वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी</span></p>
<p><span style="color:#000000;">हमने राहों में लाखों हसीं देखे हैं<br />
उनकी बाँहों में हमनशीं देखे हैं<br />
मेरी कब कोई हमनशीं होगी<br />
हाँ, मेरी कब कोई हमनशीं होगी<br />
वह जो मेरी जान जाँनशीं होगी</span></p>
<p><span style="color:#000000;">वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी<br />
अपना बनाके मुझे इश्क़ सिखायेगी<br />
वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी</span></p>
<p><span style="color:#000000;">सोचो बीस बरस गुज़रे तन्हा-तन्हा<br />
अब न रहना मुझे तन्हा-तन्हा<br />
कह दो उसे जाकर मुझे दरस दे<br />
न मुझे दूरी का इक और बरस दे<br />
मेरी जान में जान कब आयेगी</span></p>
<p><span style="color:#000000;">वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी<br />
जिसका इ‍ंतिज़ार करता हूँ यारा<br />
जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा</span></p>
<p><span style="color:#000000;">उससे कहो अपनी इक झलक दे<br />
ज़मीं तो मिली है थोड़ा फ़लक़ दे<br />
अब जिस्म से जान, अब जायेगी<br />
वह मुझे और कितना तड़पायेगी<br />
विरह की सूनी रतियाँ सुलगायेगी</span></p>
<p><span style="color:#000000;">वह अब आयेगी जो मुझे चाहेगी<br />
जिसका इंतिज़ार करता हूँ यारा<br />
जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा</span></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=932</link>
<pubDate>Sat, 15 Mar 2008 15:21:31 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=932</guid>
<description><![CDATA[वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा
जिस दिन ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा<br />
जिस दिन भी पुकारा उसने मुझे<br />
मेरे मद्यए-मुक़ाबिल के सर मौत का सेहरा होगा</font></p>
<p><font color="#000000">वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा<br />
मैं दूर से ही देखकर उसे ज़िन्दा हूँ<br />
हूँ इन्तिज़ार में वह किस दिन मुझे पुकारेगा</font></p>
<p><font color="#000000">वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा<br />
उसके हाथों की लकीरें मैंने देखी नहीं<br />
लेकिन ज़रूर इनमें मेरे चाँद का चेहरा होगा</font></p>
<p><font color="#000000">वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा<br />
मेरी आँखों ने देखे हैं जितने भी ख़ाब हसीं<br />
वह सदा उनसे रहा है वाबस्ता, सदा रहेगा</font></p>
<p><font color="#000000">वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा<br />
उसका दर्द मुझको जुनूनी कर देता है<br />
जाने कब वह मेरी बाँहों में आके मुस्कुरायेगा</font></p>
<p><font color="#000000">वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा<br />
आँखों ने टूटे हुए ख़ाब के टुकड़े भुला दिये<br />
वह इक सच्चे ख़ाब को किस दिन पूरा करेगा</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[चुपके से दिल को दिया]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=876</link>
<pubDate>Wed, 05 Mar 2008 09:42:09 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=876</guid>
<description><![CDATA[चुपके से दिल को दिया
चुपके से दिल को लि]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">चुपके से दिल को दिया<br />
चुपके से दिल को लिया<br />
छल्ला बनाकर उँगली में पहन लिया</font></p>
<p><font color="#000000">रात-दिन चूमती हूँ इसे<br />
रात-दिन चाहता हूँ तुम्हें<br />
पास जो तुम आ गये सब मिल गया</font></p>
<p><font color="#000000">सब्ज़ मौसम हसीं आँखों में खिल गये<br />
प्यार में तुम हमें ऐसे जो मिल गये<br />
ख़ाब सारे अपने सच हो गये चुपके से</font></p>
<p><font color="#000000">नाज़ तुम्हारा एक अदा है<br />
दिल तुम पर फ़िदा है<br />
जादू यह तुम्हारे, सब हैं हुस्न के शरारे</font></p>
<p><font color="#000000">तुम्हारी आँखों के तीर<br />
मेरे दिल को जाते चीर<br />
हम मिट गये तुम्हें छू लिया चुपके से</font></p>
<p><font color="#000000">बहकी हुई हैं धड़कनें, बदली हैं ख़ाहिशें<br />
आरज़ू तुम्हारी थी, जुस्त-जू पूरी हो गयी<br />
हमें सब कुछ हासिल हो गया चुपके से</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति 'नज़र'<br />
लेखन वर्ष: २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[तेरी चुप निगाहें]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=806</link>
<pubDate>Mon, 18 Feb 2008 16:03:34 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=806</guid>
<description><![CDATA[तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें
तेरे ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें<br />
तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए<br />
एक बार तो कुछ कह दे सनम<br />
तू एक बार तो हाँ कर दे मुझसे<br />
ज़िन्दगी एक झमेला है मेरे लिए</font></p>
<p><font color="#000000">तेरी मुस्कुराहटें तेरी सादी अदाएँ<br />
तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं मेरे लिए<br />
परियों से भी कहीं ज़्यादा हसीं<br />
खिलती कलियों-सी तू माहजबीं<br />
ख़ुदा ने तुझे बनाया है मेरे लिए</font></p>
<p><font color="#000000">तेरे सारे शिकवे वह सभी यादें<br />
तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं मेरे लिए<br />
मुझे तेरा इन्तिज़ार था बरसों से<br />
हम एक-दूजे के बने जनमों से<br />
तुमने जनम लिया है मेरे लिए</font></p>
<p><font color="#000000">आँखों में माहताब-सा चमकता है<br />
तेरा चेहरा, तेरा चेहरा, तेरा चेहरा<br />
मैं सहराँ-सहराँ भटकता हूँ तेरे लिए<br />
तू एक बार तो हाँ कर दे मुझसे<br />
ज़िन्दगी एक झमेला है मेरे लिए</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>

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