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	<title>समाचार &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
	<link>http://wordpress.com/tag/समाचार/</link>
	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "समाचार"</description>
	<pubDate>Mon, 12 May 2008 12:28:40 +0000</pubDate>

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	<language>en</language>

<item>
<title><![CDATA[•	क्‍या हवा में चलेंगे ई ज्ञान सूचना केन्‍द्र, करोड़ों लुटाने के बाद भी अंचल में सेवायें उपलब्‍ध नहीं]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=446</link>
<pubDate>Mon, 12 May 2008 00:23:01 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
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<description><![CDATA[भ्रष्‍टाचार मिटाने की योजना में भ्रष]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-weight:normal;font-size:16pt;color:red;font-family:Mangal;">भ्रष्‍टाचार मिटाने की योजना में भ्रष्‍टाचार, ई शासन प्रणाली पहले चरण में ही अवसान पर</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><span style="font-weight:normal;font-size:14pt;color:green;font-family:Mangal;">नरेन्‍द्र सिंह तोमर </span><span style="font-weight:normal;font-size:14pt;color:green;"><span style="font-family:Times New Roman;">‘’</span></span><span style="font-weight:normal;font-size:14pt;color:green;font-family:Mangal;">आनन्‍द</span><span style="font-weight:normal;font-size:14pt;color:green;"><span style="font-family:Times New Roman;">’’</span></span><span style="font-weight:normal;font-size:14pt;color:green;font-family:Mangal;"> </span><span style="font-weight:normal;font-size:14pt;color:green;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-indent:0;margin:0 0 0 18pt;"><span style="font-weight:normal;font-size:12pt;color:#ff6600;font-family:Symbol;"><span>·<span style="font:7pt &#34;">        </span></span></span><strong><span style="font-size:12pt;color:#ff6600;font-family:Mangal;">पारदर्शिता और भ्रष्‍टाचार निवारण के नाम पर अंचल में ठगी का कारोबार</span><span style="font-size:12pt;color:#ff6600;"></span></strong></p>
<ul style="margin-top:0;" type="disc">
<li class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;font-family:Mangal;">क्‍या हवा में चलेंगे ई ज्ञान सूचना केन्‍द्र, करोड़ों लुटाने के बाद भी अंचल में सेवायें उपलब्‍ध नहीं</span><span style="font-size:12pt;"></span></strong></li>
</ul>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><span style="font-weight:normal;font-size:16pt;font-family:Mangal;">भाग -1</span><span style="font-weight:normal;font-size:16pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;color:red;font-family:Mangal;"><strong>आपने ई शासन</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> प्रणाली या ई गवर्नेन्‍स या ई ज्ञान सूचना सेवा केन्‍द्र, कॉमन सर्विस सेण्‍टर जैसे नाम अवश्‍य ही सुन रखे होंगे । इन दिनों चम्‍बलांचल में तथाकथि‍त सेवा केन्‍द्रों की स्‍थापना के नाम पर बाहर की संस्‍थाओं ने गरीब बेरोजगारों को सुनहरे सब्‍ज बाग दिखा कर करोड़ों रूपये बटोर लिये हैं और रकम जमा करने के पॉंच महीने बाद भी इन केन्‍द्रों और इनकी सेवाओं का कोई अता पता नहीं हैं । पैसा जमा करने वाले बेरोजगार इन दिनों न केवल दर बदर की ठोकरें खा रहे हैं बल्कि उनकी शिकायत सुनने वाला भी कोई नहीं है । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;color:red;font-family:Mangal;"><strong>एक संस्‍था ने</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> जनवरी माह से लगातार अखबारी विज्ञापन देकर बेरोजगारों को सुनहरे सब्‍जबाग दिखाना शुरू किये और चन्‍द माह के भीतर करोड़ो रूपये वसूल डाले । उनकी योजना के मुताबिक चम्‍बलअंचल में ई ज्ञान केन्‍द्र खोले जाने के लिये उन्‍हें म.प्र.शासन द्वारा अधिकृत किया गया है और एवज में वे बाकायदा म.प्र. के इलेक्‍ट्रॉनिकी विभाग के एक पत्र और जिला पंचायत मुरैना के एक पत्र की छायाप्रतियां जनता में बांटते फिर रहे हैं । लोग इन पत्रों को देख कर भ्रम में फंस कर उनकी लुभावनी बातों में फंस कर उन्‍हें रकम दे बैठते हैं और बड़ी खूबसूरती से ठग लिये जाते हैं ।</span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;color:red;font-family:Mangal;"><strong>हमने सारे मामले</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> की पड़ताल की तो कई रहस्‍य प्‍याज के छिलकों के मानिन्‍द खुलते चले गये और बेरोजगारों को ठगे जाने तथा तथाकथित यूचना केन्‍द्रों की सच्‍चाई खुद ब खुद सामने आ गयीं । हमारी तहकीकात के मुताबिक रोचक तथ्‍य यह है कि तथाकथित संस्‍था जो कि चम्‍बल अंचल में ई ज्ञान केन्‍द्र खेले जाने का दावा कर के बेरोजगारों से अनाप शनाप धन हड़पने में लगी है और म.प्र. शासन द्वारा स्‍वयं को अधिकृत बता रही है उसकी असलियत यह है कि अव्‍वल तों सूचना सेवा केन्‍द्र स्‍थापना हेतु ई ज्ञान केन्‍द्र नामक कोई परियोजना न तो म.प्र. शासन की ही है और न भारत सरकार की । और न ही ई ज्ञान केन्‍द्र नामक कोई योजना ही भारत शासन की ई गवर्नेन्‍स प्रणाली का हिस्‍सा है । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;color:red;font-family:Mangal;"><strong>इसी प्रकार ई गुमटी</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> के नाम पर बरगलाये जा रहे लोगों को यह जानकर हैरत होगी कि ई गवर्नेन्‍स प्रणाली में ई गुमटी नामक कोई योजना वर्तमान में अस्तित्‍व में ही नहीं है । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;">ई गुमटी व ई ज्ञान नामक परियोजनायें म.प्र. की पिछली दिग्विजय सिंह सरकार द्वारा किसी जमाने में चलाईं गयीं थीं जो कि बुरी तरह फ्लाप होकर वर्षो पहले ठप्‍प होकर बन्‍द हो गयीं थीं । आज वर्षो बाद इन योजनाओं को ई गवर्नेन्‍स की आड़ में चालू करने की कोशिश न केवल उपहास की स्थिति निर्मित कर रही है बल्कि म.प्र. के भ्रष्‍टाचार के महामहिमों की उखड़ती सत्‍ता पर उनके पुन: काबिजी और नियंत्रण की कोशिशों की भी रोचक दास्‍तां बयां करती है । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-weight:normal;font-size:12pt;"><span style="font-family:Times New Roman;"> </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:right;margin:0;" align="right"><span style="font-size:12pt;color:red;font-family:Mangal;"><strong>क्रमश: जारी अगले अंक में ........... </strong></span><span style="font-size:12pt;"></span></p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[मुरैना के वकील से दो लाख रूपये मांगे वरना मार देंगें जान से, इण्‍टरनेट से हुआ मामला दर्ज ]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=445</link>
<pubDate>Mon, 12 May 2008 00:19:25 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
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<description><![CDATA[मुरैना के वकील से दो लाख रूपये मांगे व]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:16pt;color:red;font-family:Mangal;">मुरैना के वकील से दो लाख रूपये मांगे वरना मार देंगें जान से, इण्‍टरनेट से हुआ मामला दर्ज </span><span style="font-size:16pt;color:red;"></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>मुरैना 12 मई 08,</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> अपराधियों के हौसले किस कदर बुलन्‍द हैं, और पुलिस कितनी चाक चौबन्‍द है इसकी एक बेहतर मिसाल सामने आयी है । मुरैना के एक अभिभाषक श्री पवन कुमार गुप्‍ता को पिछले पॉंच महीनों से लगातार न केवल मोबाइल पर फोन करके बाकायदा दो लाख रूपये मांगे जा रहे हैं बल्कि न देने पर उन्‍हें सपरिवार जान से मारने की भी धमकियां दीं जा रहीं हैं । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>मजे की बात यह</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> है कि अभिभाषक महोदय मुरैना पुलिस को लिखित रूप से मौखिक रूप से न केवल कई बार इसकी इत्‍तला दे चुके हें बल्कि बाकायदा पंजीकृत डाक द्वारा भी दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 154(3) के तहत पुलिस अधीक्षक मुरैना को भी प्रथम सूचना रिपोर्ट भेज चुके हैं, मगर पुलिस है कि उसके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>मामला भी किसी</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> साधारण आदमी का नहीं है, श्री पवन गुप्‍ता जिला अभिभाषक संघ मुरैना के न केवल सचिव रह चुके हैं बल्कि मुरेना के अभिभाषकों के बीच खासे लोकप्रिय और न्‍यायाधीशों की नजर में विद्वान और प्रतिष्ठित अभिभाषक हैं । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>श्री गुप्‍ता का</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> स्‍वयं का मोबाइल क्रमांक 9826087820 पर एक व्‍यक्ति जिसने अपना नाम कभी अविनाश शर्मा बताया तो कभी अविनाश पलघर कभी रवि शर्मा तो कभी अभिनव शर्मा एवं अपना पद कभी पुलिस का डी.एस.पी. होना बताया तो कभी कमिश्र्नर तो कभी कांस्‍टेबल होना ने दिनांक 21 दिसम्‍बर 2007, 26 दिसम्‍बर 2007, 9 जनवरी 2008, एवं 30 अप्रेल 2008 को मोबाइल क्रमांक 09892434994 से फोन लगाकर एवं एस.एम.एस. भेज कर श्री गुप्‍ता को न केवल धमकाया और आतंकित किया बल्कि बाकायदा दो लाख रूपये उसे अदा करने की मांग भी की वरना श्री गुप्‍ता को उनके परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दे दी । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>भयाक्रान्‍त व आतंकित</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> होकर श्री गुप्‍ता ने पुलिस को लिखित व मौखिाक रूप से कई बार इत्‍तला मुरैना पुलिस को दी लेकिन मुरैना पुलिस ने श्री गुप्‍ता के आवेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं की । हार थक कर श्री गुप्‍ता ने एक एफ.आई.आर. मुरैना पुलिस अधीक्षक को दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 154(3) के अंतर्गत पंजीकृत डाक से तथा व्‍यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी दी, इसके बावजूद भी न तो एडवोकेट श्री गुप्‍ता की एफ.आई.आर. ही दर्ज की गयी और न ही कोई कार्यवाही की गयी । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>धमकाने और धन</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> वसूली करने वाले के हौसले इस कदर बुलन्‍द थे कि वह नियमित रूप से श्री गुप्‍ता को धमका कर व आतंकित कर पैसे मांगता रहा । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>अंतत: एडवोकेट</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> श्री पवन गुप्‍ता ने दिनांक 10 मई को म.प्र. के पुलिस महानिदेशक की वेबसाइट पर इण्‍टरनेट के जरिये एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जो कि क्रमांक </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"><span style="font-family:Times New Roman;">Morena/1428/2008 </span></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;">एवं क्रमांक </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"><span style="font-family:Times New Roman;">Morena/1429/2008 </span></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;">पर दर्ज हुयीं । </span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"><strong>बकौल एडवोकेट</strong></span><span style="font-weight:normal;font-size:10pt;font-family:Mangal;"> श्री गुप्‍ता अब वे उस अपराधी के साथ ही पुलिस के रवैये और सम्‍बन्धित मोबाइल कम्‍पनी के खिलाफ लम्‍बी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे । फिलहाल वे न्‍यायालय में इसतगासा के साथ दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 210 के तहत आवेदन प्रस्‍तुत कर डी.जी.पी. के यहॉं इण्‍टरनेट से दर्ज हुये मामले का चालान तलब करवा रहे हैं, इसके बाद श्री गुप्‍ता दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत भी कार्यवाही करेंगे । <span>  </span></span></p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[प्यार बीना जीना]]></title>
<link>http://ramlovestory.wordpress.com/?p=17</link>
<pubDate>Sun, 04 May 2008 02:53:33 +0000</pubDate>
<dc:creator>ramjokes</dc:creator>
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<description><![CDATA[प्यार  कमजोर  दिल  से  किया  नही  जा  सक]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<h3>प्यार  कमजोर  दिल  से  किया  नही  जा  सकता ,</h3>
<h3>ज़हर  दुश्मन  से  लिया  नही  जा  सकता,</h3>
<h3>दिल  में  बसी  है  उल्फत  जिस  प्यार  की</h3>
<h3>उस  के  बीना  जिया  नही  जा  सकता!</h3>
<h3>
~~~~~~~~~~~~</h3>
<h3>
साथ  रहते  रहते  यूहीं  वक्त  गुज़र  जाएगा<br />
दूर  होने  के  बाद  कौन  किसे  याद  आएगा<br />
जी  लो  ये  पल  जब  हुम्साथ  है<br />
कल  का  क्या  पता, वक्त  कहाँ  ले  जाएगा!</h3>
<h3></h3>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[प्यार प्यार बस प्यार ]]></title>
<link>http://ramlovestory.wordpress.com/?p=16</link>
<pubDate>Sun, 04 May 2008 02:51:10 +0000</pubDate>
<dc:creator>ramjokes</dc:creator>
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<description><![CDATA[
लड़का लड़की का प्यार बहुत समय से चला आ ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<h3>
लड़का लड़की का प्यार बहुत समय से चला आ रहा हैं यह प्यार हमारे देश की शान हैं क्योकी प्यार से बढ़ कर कुछ भी नही मन जाता इसलिए प्यार से कभी भी  नही डरना चाहिए प्यार तो हर उमर में हो सकता हैं वो चाहे जवानी हो या बुढापा इसलिए प्यार ही सब कुछ हैं ये न हो तो कुछ भी नही सब बेकार हैं</h3>
<h3>~~~~~~~~~~~~~~</h3>
<h3>
और भगवान ने भी प्यार को सर्व पर्थ्म मन हैं इसलिए मेरी राय से सबको प्यार करना chahiye</h3>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[प्यार प्यार बस प्यार ]]></title>
<link>http://ramkissme.wordpress.com/?p=23</link>
<pubDate>Sun, 04 May 2008 02:41:05 +0000</pubDate>
<dc:creator>ramkissme</dc:creator>
<guid>http://ramkissme.wordpress.com/?p=23</guid>
<description><![CDATA[

लड़का लड़की का प्यार बहुत समय से चला आ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<h3></h3>
<h3>
लड़का लड़की का प्यार बहुत समय से चला आ रहा हैं यह प्यार हमारे देश की शान हैं क्योकी प्यार से बढ़ कर कुछ भी नही मन जाता इसलिए प्यार से कभी भी  नही डरना चाहिए प्यार तो हर उमर में हो सकता हैं वो चाहे जवानी हो या बुढापा इसलिए प्यार ही सब कुछ हैं</h3>
<h3>ये न हो तो कुछ भी नही सब बेकार हैं</h3>
<p>~~~~~~~~~~~~~~~</p>
<h3>
और भगवान ने भी प्यार को सर्व पर्थ्म मन हैं इसलिए मेरी राय से सबको प्यार करना चाहिए??</h3>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[स्विट्जरल्यान्डमा बिजयउत्सब कार्यक्रम भब्यताका साथ सम्पन्न  ]]></title>
<link>http://swissnepal.wordpress.com/?p=117</link>
<pubDate>Fri, 02 May 2008 14:09:03 +0000</pubDate>
<dc:creator>swissnepal</dc:creator>
<guid>http://swissnepal.wordpress.com/?p=117</guid>
<description><![CDATA[1st may 2008
                संसार लाई नै चकित पार]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><em><span style="font-size:x-small;"><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/dsc040201.jpg"><img class="alignleft size-medium wp-image-118" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040201.jpg?w=300" alt="" width="300" height="225" /></a>1<span style="font-size:xx-small;">st</span> may 2008</span></em></p>
<p><em><span style="font-size:x-small;">               </span></em> संसार लाई नै चकित पार्दै नेपाल मा हालै सम्पन्न भयको संबिधानसभा निर्वाचनमा नेकपा माओवादी अत्याधिक मत पायर संबिधान सभामा सबै भन्दा ठुलो दल को रुपमा स्थापित भयकाले र नेपाली जनता को भाग्य निर्माणको ढोका खुलेको सन्दर्भमा चारैतिर खुशीयाली छायको छ। र सोही खुशीयाली लाई हामी स्विट्जरल्यान्ड मा बसोबास गरेर नेपाली जनता को मुक्ती को लागि एकाकार गर्दै आयको र सामन्तबाद र सम्राज्यबादका बिरुद्द सङ्घर्श गर्दै आयको अन्तरराष्ट्रियताबादी नेपाली एक्यबद्दता मंच  स्विट्जरल्यान्ड को आयोजनामा उल्यख्य सङ्ख्यामा नेपाली हरु तथा स्विस नागरिक का बिच मा अबिरजात्रा सहित को भब्य बिजयउत्सब कार्यक्रम सम्पन्न भयो।</p>
<p><!--more--><br />
        सस्थाका अध्यक्ष अशोक चौलागाइ को सभापतित्व र सस्थाका सस्थापक सदस्य बिजय खनाल ले स्वागत गर्नु भयको कार्यक्रम लाई सस्थाका उपाध्यक्ष ठाकुर शुबेदी ले सन्चालन गर्नु भयको थियो।<br />
           ज्ञात अग्यात सहिदहरु प्रती एक मिनेट मौन धारण गरीशुरु भयको कार्यक्रममा सम्पूर्ण उपस्थित पाहुना हरु लाई सस्थाका अध्यक्ष अशोक चौलागाइ ले अबिर लगाइ स्वागत तथा बधाई दिनु भयको थियो। सो कार्यक्रम मा लामो समय सम्म नेपालमा रहेर स्विस बिकास नियोग को सहयोग मा नापी भुमी सुधार मा कार्यरत स्विस नागरिक यदी मुलेमान ले स्विस को पुरानो ईतिहास लाई कोट्याउदै राजतन्त्रको अन्त्यको लागि स्विस नागरिक ले खेलेको भूमिका र देस निर्माण र बिकास को क्रम मा स्विस आर्मी लाई युरोप का बिभिन्न मुलुक मा आर्थिक बिकासको लागि पठायको ईतिहास सुनाउनु भयो,साथै उहाले "कुरो भन्दा काम" भन्ने बिचार का साथ नेकपा माओवादी लाई नयाँ नेपाल निर्माण को लागि बधाई तथा शुभकामना दिनु भयो।<br />
          प्रगतिशिल बिद्द्यार्थी हरु को ठुलो सहभागिता रहेको सो कार्यक्रममा उपस्थित सबैले आफ्नो परिचय तथा शुभकामना का साथै नेकपा माओवादीको बिजय ले आफुहरु लाई गौरबान्दित बनायको र यस ऐतिहासिक बिजय उत्सब कार्यक्रम मा सहभागी भइ बिजय मनाउन पाउदा अत्यान्तै खुशी लागेको बताउनु भयको थियो। सम्पूर्ण नेकपा माओबादिका उमेद्दार हरु लाई बधाई तथा शुभकामना ब्यक्त गर्नु भयको थियो।<br />
        सो कार्यक्रम को अन्त्यमा "युद्दको मैदान बाट फर्कदा" नामक अपेरा कार्यक्रमको क्यासेट देखाइयको थियो।  </p>
<p><img class="aligncenter size-full wp-image-119" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040061.jpg" /></p>
<p><img class="aligncenter size-full wp-image-123" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040141.jpg" alt="" width="450" height="337" />स्विस नागरिक यदी मुलेमान सम्बोधन गर्दै <img class="aligncenter size-full wp-image-122" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040121.jpg" alt="" width="450" height="337" /></p>
<p><img class="aligncenter size-full wp-image-121" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040111.jpg" alt="" width="450" height="337" />सहभागिहरु <img class="aligncenter size-full wp-image-120" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040071.jpg" alt="" width="450" height="337" /></p>
<p><img class="aligncenter size-full wp-image-124" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/dsc040231.jpg" alt="" width="450" height="337" />फोटो हरु&#62;: स्विसनेपाल ब्लग को लागि आस्था अधिकारी बर्न बाट <br />
      </p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[स्विट्जरल्यान्डमा अन्तराष्ट्रिय श्रमिक दिबस भब्यताका साथ सम्पन्न ]]></title>
<link>http://swissnepal.wordpress.com/?p=109</link>
<pubDate>Fri, 02 May 2008 14:05:03 +0000</pubDate>
<dc:creator>swissnepal</dc:creator>
<guid>http://swissnepal.wordpress.com/?p=109</guid>
<description><![CDATA[१ मे २००८
            अन्तराष्ट्रियताबा]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<div class="EC_EC_EC_EC_RTE">१ मे २००८<br />
            अन्तराष्ट्रियताबादी नेपाली एक्यबद्दता मंच(इन्सोफ स्विस) स्विट्जरल्यान्ड,कम्युनिस्ट पार्टि स्विट्जरल्यान्ड ,क्रान्तिकारी मजदुर सङ्गठन स्विट्जरल्यान्ड,कम्युनिस्ट पार्टि टर्की,कम्युनिस्ट पार्टि माओवादी नर्थ कुर्दिस्थान,वर्कर्स पार्टी स्विट्जरल्यान्ड को संयुक्त आयोजनामा ११९ औ  अन्तराष्ट्रिय श्रमिक दिबस विश्व का मजदुर एक होऔ भन्ने मुल नारा का साथ स्विट्जरल्यान्ड को राजधानी बर्न मा भब्यताका साथ सम्पन्न भयो।<br />
                         ब्यापक नेपाली हरु को सहभागिता र मार्क्सबाद,लेनिनबाद,माओबाद र प्रचन्ड पथ जिन्दाबाद,लगायतका ब्यानर का साथ र्याली बर्न को एतिहासिक नगर चितकोलग्य बाट बिहान ९.३० बजे शुरु भई सम्सद भबन हुँदै नगर परिक्रमा गरी कर्न हाउस प्लाज मा गयर सभामा परिणत भयको थियो।<!--more--><br />
               सो र्याली मा सहभागि वर्कर्स पार्टि(स्विट्जरल्यान्ड)का तर्फ बाट साम्सद को तल्लो सभाका सदस्य रोल्फ जबिन्दन ले नेपाल मा हालै सम्पन संबिधान सभा निर्वाचन मा नेकपा माओवादीले जनता को अत्याधिक मत पाइ बिजय हासिल गरेको मा नेकपा माओवादीका तर्फबाट संबिधान सभा सदस्यमा बिजयी उमेद्दारहरुमा बधाई तथा शुभकामना ब्यक्त गर्नु भयो।   </div>
<div class="EC_EC_EC_EC_RTE"> केही फोटो हरु :</div>
<div class="EC_EC_EC_EC_RTE"><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-110" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a>    </div>
<p> <br />
<a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment1.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-111" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment1.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a></p>
<p><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment2.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-112" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment2.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment3.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-113" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment3.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment4.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-114" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment4.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment5.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-115" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment5.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a><a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/05/getattachment6.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-116" src="http://swissnepal.wordpress.com/files/2008/05/getattachment6.jpg" alt="" width="320" height="240" /></a></p>
<p>photos by :insof swiss</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[RTI Act बदनाम होजायेगी]]></title>
<link>http://jaijawanjaikisan.wordpress.com/?p=45</link>
<pubDate>Fri, 02 May 2008 04:01:00 +0000</pubDate>
<dc:creator>चन्द्रशेखरन नायर</dc:creator>
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<description><![CDATA[मैं ने रबड् बोर्ड से 2006-07 की निर्यात के ब]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>मैं ने रबड् बोर्ड से 2006-07 की निर्यात के बारे में <a href="http://rubberstats.googlepages.com/Application.doc"><strong>जानकारि हासिल करने</strong></a> की कोशिश की। परंतू मुझे बेवकूफ बना दिया। मैं उन से निर्यात के दिन, निर्यात करने वाले का नाम, निर्यात कीगये वजन, रबड् की किसम (आरऎसऎस षीट, लाटेक्स, ऐऎसऎनआर आदि), किस देश को भेजा, निर्यात की मूल्य आगी माँगा था। पहले उन्होंने जवाब दी कि सारे निर्यात के दिन उपलब्द नहीं, रजिस्टरों में लिपिबद्ध की हैं, और कई सौ पन्नों में एक साल के निर्यात चालू हैं।ङर आयात करने वालों से हर महीने की रिपोर्ट इकटा करते हैं, माँगा गया format में देने केलिये बहूत ज़्यादा भारी काम करना पडेगा, वह disproportionately divert the resources of the office, और  माँग मान नहीं  सकता। छः रुपये भेजने कि  निरदेश पर  तीन पन्ने  हासेल हुआ।</p>
<p>माँगा गया सारे साराँश न मिलने का कारण Appellate authority को पहला अपील भेजने पर 4 March 2008 को एक <a href="http://rubberstats.googlepages.com/Reply-of-PCJohn.doc"><strong>हुक्म</strong></a> दी गई। वह यह था "he shall be satisfied if copies of those pages of data lying at various files and registers are made available to him as such so that he can compile them to arrive at the published figures; how many the number of those pages be".  साथ ही पब्लिक इनफरमेषन ओफीसर को 350 पन्ने पाने केलिये दो रुपया पन्ने की हिसाब से भेजने की निर्देश दिया। एप्रिल चार तारिख को 360 पन्ने मिले जिसमें RTI Act की बदनाम की गई। ऐसे पन्ने दी एक ही पन्ने की दो copy,  शून्य पन्ने,  Covering letters  के  copy वगैरा जोडकर दिया गया हैं। आगस्ट 2006 को पाला मारक्कटिंग को-ओपरेटीव सॊसैटी ने 2.13 रु में 893000 किलो आरऎसऎस 4 निर्यात किया हैं करके दिखा रहे हैंं जब की यहाँ के दाम 91.82 रु थे। <a href="http://rubberstats.googlepages.com/Low-priced-export.html"><strong>इतने कम दामों में निर्यात कैसे हो सकते हैं?</strong></a></p>
<p><a href="http://rubber.wordpress.com/2008/04/09/rubber-exports-irregularities-by-co-opsocieties-supported-by-indian-rubber-board/"><strong>यही बात अंग्रेजी में प्राप्त हैं।</strong></a></p>
<p>पाला मारक्कटिंग को-ओपरेटीव सॊसैटी की निर्यात २००६ आगस्ट महीने की <a href="http://rubberstats.googlepages.com/pmcopscy.pdf"><strong>यह</strong></a> हैं।<strong>क्या भारत के रबड् प्रोडक्ट निरमाताों कि मत भी यही हैं ?<br />
</strong></p>
<p><strong>रबड् के बारे में विस्त्रृत जानकारि केलिये <a href="http://rubberstats.googlepages.com/data-sheets">यहाँ देखें</a></strong>।</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[पूरी तरह ध्‍वस्‍त हुआ सूचना का अधिकार कानून, खामियों ने किया कमजोर और प्रभावहीन ]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=443</link>
<pubDate>Wed, 30 Apr 2008 01:57:27 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
<guid>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=443</guid>
<description><![CDATA[पूरी तरह ध्‍वस्‍त हुआ सूचना का अधिकार ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:16pt;color:red;font-family:Mangal;">पूरी तरह ध्‍वस्‍त हुआ सूचना का अधिकार कानून, खामियों ने किया कमजोर और प्रभावहीन </span></span></strong><strong><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:16pt;color:red;"></span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:15pt;color:#9933ff;font-family:Mangal;">नरेन्‍द्र सिंह तोमर </span></span><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:15pt;color:#9933ff;font-family:&#34;">‘’</span></span><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:15pt;color:#9933ff;font-family:Mangal;">आनन्‍द</span></span><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:15pt;color:#9933ff;font-family:&#34;">’’</span></span><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:15pt;color:#9933ff;"><span style="font-family:DV-TTSurekh;"> </span></span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:small;"><strong><span style="color:blue;font-family:Mangal;">सूचना का अधिकार 2005- एक सिंहावलोकन</span></strong><strong><span style="color:green;font-family:Mangal;"> </span></strong><strong><span style="color:red;font-family:Mangal;">भाग -7</span></strong><strong><span style="color:green;font-family:Mangal;"> </span></strong><strong><span style="color:teal;font-family:Mangal;">(वर्ष सन 2005 से जारी आलेख) </span></strong></span></p>
<ul style="margin-top:0;" type="disc">
<li class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:small;"><span style="font-family:Mangal;">नहीं मिलती आवेदकों को सूचना, तमाम विसंगतियां और सूराखों से मनमाने होते हैं निराकरण</span><span style="font-family:DV-TTSurekh;"> </span></span></strong></li>
<li class="MsoNormal"><strong><span style="color:#ff6600;font-family:Mangal;"><span style="font-size:small;">धारा 4 का</span></span></strong><strong><span style="font-size:10pt;color:red;font-family:Mangal;"> </span></strong><strong><span style="font-size:small;"><span style="font-family:Mangal;">तीन साल बाद आज तक पालन नहीं किया किसी ने, सरकारी कार्यालयों के अलावा स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं ने बलाए ताक धरा कानून</span></span></strong></li>
</ul>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:small;"><span style="color:#ff6600;font-family:Mangal;">पिछले अंक से आगे .......</span><span style="color:#ff6600;"></span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">अक्‍टूबर 2005</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> में जब भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुआ तो स्‍वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही भ्रष्‍टाचार, अनसुनेपन, मनमानेपन से त्रस्‍त लोगों को इससे काफी उम्‍मीद और आशा की किरणें जागीं, और जैसा कि इस कानून की मंशा को इसी कानून में लिखा गया कि यह पारदर्शिता लाने और भारत को भ्रष्‍टाचारमुक्‍त बनाने का ब्रह्मास्‍त्र साधन हो । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">कानून को सफलतापूर्वक</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> सॅपादित करने हेतु इसके कुछ प्रारंभिक एवं कुछ प्रक्रियात्‍मक उपाय भी इस कानून में निर्धारित किये गये थे । कुल मिला कर कानून को क्रियान्वित व लागू किये जाने के लिये विशिष्‍ट व सकारात्‍मक प्रक्रिया अवधारित की गयी थी । जहॉं यह भारत का पहला ऐसा अधिनियम था जो जनता को सीधे सीधे सूचना प्राप्ति तथा उसके उपयोग किये जाने की केवल स्‍वतंत्रता ही नहीं देता था बल्कि इसके पश्‍चात अन्‍य कानूनी व प्रशासनिक तथा सार्वजनिक उपायों के जरिये हस्‍तक्षेप का पश्‍चातवर्ती अधिकार भी मुहैया कराता था । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">भारत में लम्‍बे अर्से से</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> भ्रष्‍टाचार व अंधेरगर्दी की मलाई मार रहे अफसर इतना अधिक काला पीला नीला हरा किये बैठे हैं कि वे इस कानून के लागू होने के दिनांक 12 अक्‍टूबर 2005 से ही इससे अन्‍दरूनी दुश्‍मनी मान बैठे थे और हर हाल में शुरू से ही ठान कर बैठे थे कि इस कानून की न केवल धज्जियां ही उड़ानी हैं बल्कि इसे पूरी तरह असफल भी करना है । कानून लागू होने के दिन से ही उनका पुरजोर विरोध स्‍वत: ही चालू हो गया था, ठीक बिल्‍कुल उसी तरह जैसे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर में लेन्‍ज का नियम होता है या न्‍यूटन का भौतिक शास्‍त्र का तीसरा नियम जिसे प्रतिक्रिया का नियम कहते हैं । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">इन राष्‍ट्र विरोधी</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> तत्‍वों या अफसर वर्ग ने और उनके बाबू वर्गीय चेलों ने शुरू से ही न केवल हरेक को बरगलाना शुरू किया बल्कि अफवाह भी जम कर फैलायीं कि कुछ नहीं यह कानून तो पूरी तरह फेल हो चुका है और जल्‍दी ही इसे वापस लिया जा रहा है, या इसमें संशोधन किया जा रहा है वगैरह वगैरह .... मैंने इस प्रकार की कई अनर्गल बातें स्‍वयं कई जगह सुनीं । मुझे बड़ी कोफ्त होती थी और तकलीफ भी कि कल संभव है इन्‍हें खुद ही इसी कानून का सहारा लेना पड़ जाये और यही जो इस कानून को अवमंदित या भोंथरा करने की कोशिश जी तोड़ कर रहे हैं, खुद ही इसका इस्‍तेमाल करने लायक नहीं रहेंगे । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">इस कानून को</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> ऐन दशहरे के दिन लागू किया गया था सो हिन्‍दू मान्‍यता के अनुसार इस त्‍यौहार के दिन दसों दिशायें चौकस खुलतीं हैं और इस दिन हुआ कार्य प्रत्‍येक दशा में पूर्ण सफल होता ही है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">मैंने अब तक सूचना का अधिकार सम्‍बन्‍धी करीब डेढ़ दो हजार मामले हैण्‍डल किये और हर मामले का गहराई से अध्‍ययन करने का भी सुअवसर मुझे मिला । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;"><span style="font-family:DV-TTSurekh;"> </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">मुझे यह लिखने में</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> कोई संकोच नहीं कि जनता का यह अमोध अस्‍त्र या अचूक हथियार आज न केवल दिशा से भटक कर दिशाहीन हो गया बल्कि इस कानून की शुरूआती ढांचागत खामियां इस अधिनियम के अवलंघन कारीयों के लिये न केवल वरदान सिद्ध हुयीं अपितु इस कानून की मंशा को पूरी तरह खत्‍म कर राष्‍ट्र विरोधी अवलंघनकारीयों की मंशा की गुलाम मात्र बनकर रह गयीं । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">शुरूआत में जब</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> किसी महात्‍वाकांक्षी और दीर्घकालीय प्रभावक कानून की अवधारणा स्‍थापित की जाती है तो उसमें ढांचागत व अनुभवगत प्रक्रियात्‍मक दोषों का होना स्‍वा‍भाविक है किन्‍तु लम्‍बे अनुभव के बाद उन्‍हें निरन्‍तर रखा जाना तो त्रुटि नहीं बल्कि जानबूझ कर किया गया अपराध बन जाती है । इस कानून को स्‍थापित किये जाने और प्रचलन में लाये जाने तक जो विसंगतियां और खामियां थीं, यदि वक्‍त वक्‍त पर उनका सिंहावलोकन कर उन्‍हें ठीक किया जाता रहता तो इतने ताकतवर कानून की यह दुर्दशा और दुर्गति नहीं होती ।</span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;"><span style="font-family:DV-TTSurekh;"> </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">अभी हाल ही में</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> शीर्ष न्‍यायालय तक ने इस कमजोर अधिनियम का तीखा उपहास बना दिया, मामले ने एकसी विसंगतियों की स्थिति उत्‍पन्‍न कर दी कि गोया अब अधिनियम नहीं अल्कि अधिनियम से शासित व्‍यक्ति तय करेगा कि अधिनियम उस पर लागू है कि नहीं । खैर इसमें शीर्ष अदालत का अहम्‍मन्‍यतापूर्ण व्‍यवहार रहा हो या अधिनियम की अपने हिसाब से व्‍याख्‍या करने की कवायद, जो भी रहा हो देश में इसका संदेश कतई अच्‍छा नहीं गया । और इस अधिनियम की बची खुची दुर्गति हो गयी सो अलग । ऐसी अपमान जनक परिस्थितियों में जनता का कानून कहे जाने वाले इस अधिनियम को तो वापस ले लिया जायेगा तो बेहतर होगा, कम से कम जनता का झूठा भ्रम या आस तो टूटेंगे । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;"><span style="font-family:DV-TTSurekh;"> </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="color:red;font-family:Mangal;"><span style="font-size:small;">क्रमश: जारी अगले अंक में ..............</span></span></strong></p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[ग्रहों की उलटफेरी का तगड़ा खेल चालू हुआ, होगी भारी उथल पुथल]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=442</link>
<pubDate>Sun, 27 Apr 2008 13:00:06 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
<guid>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=442</guid>
<description><![CDATA[ग्रहों की उलटफेरी का तगड़ा खेल चालू हु]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:16pt;color:red;font-family:Mangal;">ग्रहों की उलटफेरी का तगड़ा खेल चालू हुआ, होगी भारी उथल पुथल</span><span style="font-size:16pt;color:red;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:small;"><span style="color:blue;font-family:Mangal;">तेजी मन्‍दी सहित राजनीतिक द्वंद्ध बढ़ेगा, पूरी तरह बदलेगी गोचर की तस्‍वीर आने वाले दिन लायेंगे जन्‍म कुण्‍डलियों में तूफान</span><span style="color:blue;"></span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><span style="font-size:small;"><strong><span style="color:green;font-family:Mangal;">नरेन्‍द्र सिंह तोमर </span></strong><strong><span style="color:green;font-family:&#34;">‘’</span></strong><strong><span style="color:green;font-family:Mangal;">आनन्‍द</span></strong><strong><span style="color:green;font-family:&#34;">’’</span><span style="color:green;"></span></strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><strong><span style="color:red;font-family:Mangal;"><span style="font-size:small;">भाग-1</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">कुछ अर्से से</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> परेशान चल रहे लोगों को जहॉं अब राहत मिल सकती है वहीं चन्‍द अर्से से मजे मार रहे लोगों के लिये परेशानी का दौर शुरू हो सकता है । तकदीरी आसमान में भारी उलटफेरी शुरू हो चुकी है और लगभग सारे ही ग्रह आने वाले चन्‍द रोज के भीतर अपने अपने ठीये यानि स्‍थान परिवर्तन करेंगे या उनकी स्थिति परिवर्तन होगा । कुल मिला कर सारे ग्रह किसी न किसी बदलाव पर चल रहे हैं और इस भारी उलटफेर का हेर फेर भी आम आदमी और सांसारिक परिदृश्‍य पर भी व्‍यापक प्रभाव डालने वाला होगा । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">मजे की बात ये</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> है कि यह बदलाव 25 अप्रेल से ही चालू हो चुका है और आने वाले लगभग 20-25 दिनों तक यह लगातार चलेगा । जिस श्‍ानि ने वक्री होकर तेल और लोहे को आसमान की ऊंचाईयों पर ले जाकर मंहगाई बढ़ा कर आम आदमी की पहुँच से बाहर कर दिया था, ज्‍योतिषीय विवेचना के अनुसार यही शनि आने वाली 3 मई को वापस मार्गी गति पर आ रहे हैं, इनकी वक्री गति समाप्‍त होकर मार्गी होते ही तेल और लोहे को वापस जमीन का रूख करना पड़ेगा वहीं अन्‍य ग्रहों की मार के चलते इन्‍हें भारी मन्‍दी के दौर से भी गुजरना पड़ सकता है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="text-decoration:underline;"><span style="font-size:small;"><span style="color:blue;font-family:Mangal;">कौन कब कैसे बदलेगा </span><span style="color:blue;"></span></span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">शुक्र </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> 25 अप्रेल को मीन राशि से मेष में प्रवेश कर चुके हैं </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">बुध </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> अतिचारी गति से चल रहे हैं, 14 अप्रेल को मेष राशि में प्रवेश किया था, अस्‍त चल रहे थे, 27 अप्रेल को बुधोदय हो चुका है, और 29 अप्रेल को मेष राशि छोड़कर वृष राशि में प्रवेश करेंगे । 6 जुलाई तक वृष राशि में ही अस्‍त उदय वक्री मार्गी होकर डटे रहेंगे ।</span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">मंगल </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> 28 अप्रेल को मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे । 21 जून तक कर्क में ही टिके रहेंगे ।</span><strong><span style="font-size:10pt;"></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">सूर्य </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> वर्तमान में मेष राशि में गोचर है, 14 मई से वृष राशि में चले जायेंगे ।</span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">राहू </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> वर्तमान में कुंभ राशि में हैं 30 अप्रेल से मकर राशि में आ जायेंगे ।</span><strong><span style="font-size:10pt;"></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">केतु </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> वर्तमान में सिंह राशि में हैं 30 अप्रेल से कर्क राशि में आ जायेंगे । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">गुरू </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> वर्तमान में मार्गी गति से धनु राशि में गतिशील हैं, 9 मई से धनु राशि में ही वक्री हो जायेंगे और 10 डिग्री से अधिक तक पीछे जाकर लगभग एक तिहाई चाल पलटेंगे । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">शनि </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> वर्तमान में सिंह राशि में होकर, वक्री गति से 7 डिग्री तक पीछे आ गये हैं, 3 मई से मार्गी हो जायेंगे और आगे बढ़ना दोबारा शुरू करेंगे । 17 अगस्‍त से अस्‍त होकर 21 सितम्‍बर को पुन: उदित होंगे, और 31 दिसम्‍बर 2008 तक मार्गी गति में ही बने रह कर 27 डिग्री तक ऊपर चढ़ जायेंगे । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">चन्‍द्र </span></strong><strong><span style="font-size:10pt;font-family:&#34;">–</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> विशद व बड़ी विवेचनाओं में गण्‍यमान्‍य नहीं । हर सवा दो दिन में राशि परिवर्तन स्‍वाभाविक चाल है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">पूरे के पूरे नौ</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> ग्रहों के इस भारी फेर बदल का विहंगम दृष्टिपात और सिंहावलोकन जिस भारी उथल पुथल और उलटफेरी की ओर इशारा करता है, वह काफी चौंकाने वाली और व्‍यापक रूप से प्रभावकारी है । जहॉं सस्‍ते मन्‍दे, मंहगाई और सस्‍ताई का खेल अब उल्‍टा पुल्‍टा होगा वहीं, ग्रहों की स्थिति गोचरवश जो प्रबल व प्रभावकारी स्थिति में चल रहे थे या चल रहे हैं, यदि उनकी जन्‍म कुण्‍डली में ग्रहों की स्थिति ठीक ठाक नहीं तो उन्‍हें पराभव या कष्‍टकारी स्थितियों से गुजरना पड़ सकता है । बिल्‍कुल ऐसा ही उन लोगों के लिये भी है जिनका वर्तमान समय गोचर के अनुसार ठीक नहीं है, यदि उनकी जन्‍म कुण्‍डली में ग्रहों की स्थिति ठीक ठाक है तो उनके उत्‍थान का वक्‍त आ गया है अन्‍यथा और भी अधिक बुरी स्थिति हो सकती है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:right;margin:0;" align="right"><strong><span style="font-size:10pt;color:red;font-family:Mangal;">क्रमश : अगले अंक में जारी ....</span></strong><span style="font-family:Mangal;"></span></p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[कुतुबनुमा एक दिशा सूचक साधन]]></title>
<link>http://charagedil.wordpress.com/?p=264</link>
<pubDate>Thu, 24 Apr 2008 19:12:31 +0000</pubDate>
<dc:creator>Devi Nangrani</dc:creator>
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<description><![CDATA[कुतुबनुमा एक दिशा सूचक साधन
अभिव्यक्]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<h3><span style="color:#800000;">कुतुबनुमा एक दिशा सूचक साधन</span></h3>
<h4><span style="color:#0000ff;">अभिव्यक्ति की आज़ादी का पैरोकार पत्र है कुतुबनुमा. राजनीतिक बंटवारों और सरहदों के आर-पार गूंजती शायर- एक्टिविस्ट फ़ैज़ अहमद फै़ज़ की कालजयी ललकार जिसका प्रेरणा स्त्रोत्र है -</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">बोल कि लब आज़ाद है तेरे बोल</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">ज़बां अब तक तेरी है बोल, कि थोड़ा वक्त बहुत है.</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">ज़िस्म-ओ-ज़बां की मौत से पहले बोल</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">कि सच ज़ि्दा है अब तक बोल, जो कुछ कहना है वह कहले.</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">यहां देश की याद की जो कसक है वह सीने में सदा हरी भरी रहती है जो मेरी ग़ज़ल के इन अशयार से आवाज़ देती है हर दिल अज़ीज़ को.</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">शादाब मेरे दिल में इक याद है वतन की</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">तेरी भी याद उसमें, घुलमिल के आ रही है.</span></h4>
<h4><span style="color:#ff0000;">‘देवी’  महक है इसमें, मिट्टी की सौंधी सौंधी</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;"><span style="color:#ff0000;">मेरे वतन की खुशबू, केसर लुटा रही है.</span> </span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">कुतुबनुमा के पहले पन्ने पर साहिर लुधियानवी की यह रचना  "जवाहरलाल नेहरू"  की इस ललकारती नज़्म की दो शुरुवाती और दो आख़िरी पंक्तियां भी देश के अरमान जिँदा है इसीका ऐलान कर रही हैं-</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">जिस्म की मौत कोई मौत नहीं होती</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">जिस्म मिट जाने से इन्सान नहीं मर जाते</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">सांस थम जाने से ऐलान नहीं मर जाते</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">होंठ जम जाने से फ़रमान नहीं मर जाते.</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">इन्हीं सद भावनाओं की बुनियाद पर कुतुबनुमा के इस प्रवेशांक अंक, दिसंबर-फरवरी २००८ में अपने श्रेष्ट संपादन का सिक्का जमाया है डा॰ राजम नटराजन पिल्लै जी ने इसे राजनेता जवाहरलाल नेहरू को समर्पित करके, जिन्होने विश्व शक्ति के पथ पर अपने सिद्धांतो के बुनियादी पद चिन्ह छोड़े थे. राजम जी की निपुणता का परिचय देना सूरज को उंगली दिखाने के समान है. उनका संपादन ही उनका परिचय है और पहचान भी.</span></h4>
<h4><img style="display:block;cursor:pointer;text-align:center;margin:0 auto 10px;" src="http://bp0.blogger.com/_t-eJZb6SGWU/R_sq1LvPJkI/AAAAAAAACzE/VSDpy-NoAVk/s400/devi+nagrani+100_0294.jpg" border="0" alt="" /></h4>
<h4><img src="/DOCUME%7E1/DEVINA%7E1/LOCALS%7E1/Temp/moz-screenshot.jpg" alt="" /></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">तस्वीर मे दायें से बायें -राजीव सारस्वत, अरविंद राही,मरियम गज़ाला,  मा.ना. नरहरी, श्री आर. पी. शर्मा, अहमद वसी,राम गोविंद, माया गोविंद, राजम जी,  निरालाप्रसाद जी.</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;"> चलते है इस सभा के परिचय के बाद इसी दिशा सूचक कुतुबनुमा की ओर से आयोजित काव्य गोष्टी रविवार दिनांक २९ मार्च, २००८ को वरिष्ट ग़ज़लकार व रचनाकार श्री खन्ना मुज़फ़्फ़रपुरी के निवास स्थान पर संपन्न हुई. वरिष्ट ग़ज़लकार श्री आर. पी. शर्मा "महर्ष" की अध्यक्षता तथा अनंत श्रीमाली के संचालन में आयोजित इस गोष्टी में पधारे अनेक शाइर व रचनाकार, मुख्य महमान माया गोविंद, राम गोविंद, के साथ साथ मा.ना. नरहरी, जनाब अहमद वसी, गीतकार शैलेन्द्र जी,  निरालाप्रसाद जी व उनके सुपुत्र, मधुजी अरोड़ा, मरियम गज़ाला, रत्ना झा, रघुवंशी जी, देवमणी पांडेय, शबनम कपूर, राजीव सारस्वत, अरविंद राही, विजय, मैं- देवी नागरानी, राजम जी और स्वयं खन्ना साहब. सभी ने उत्तम रचनाओं का पाठ किया.</span></h4>
<p><img class="alignleft" style="border:0 none;display:block;cursor:pointer;text-align:center;float:left;" src="http://bp0.blogger.com/_t-eJZb6SGWU/R_sq1LvPJlI/AAAAAAAACzM/_0VYhLsXnj4/s400/devi+nagrani+100_0271.jpg" border="0" alt="" /></p>
<p><img src="/DOCUME%7E1/DEVINA%7E1/LOCALS%7E1/Temp/moz-screenshot-1.jpg" alt="" /></p>
<p><span style="color:#0000ff;"> तस्वीर में हैं शबनम कपूर, गीतकार शैलेन्द्र जी,श्री आर. पी. शर्मा "महर्ष" , श्री खन्ना मुज़फ़्फ़रपुरी, अनंत श्रीमाली और देवी नागरानी, </span></p>
<h4><span style="color:#0000ff;"> कुतुबनुमा की संपादिका राजम नटराजन ने श्री आर. पी. शर्मा "महर्ष" जी का, माया गोविंद और देवी नागरानी जी का फूल व शाल के साथ सन्मान किया. महरिष जी ने अध्यक्षीय संबोधन में कवि गण की रचनाओं की पाठनीयता को सराहा और अपनी कुछ गज़ल सुनाकर सभी को आंनद विभोर कर दिया. अंत में खन्ना जी ने सभी अतिथि गण का सन्मान सहित आभार प्रकट किया.</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">मै अपनी दिली मुबारकबाद और शुभकामनायें राजम जी को इस दिशा सूचक "कुतुबनुमा" के लिये प्रेषित करती हूँ.   जयहिंद</span></h4>
<h4><span style="color:#0000ff;">देवी नागरानी</span></h4>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[लोकगायक कृष्ण बिक्रम थापामा हार्दिक स्रदान्जली.....]]></title>
<link>http://swissnepal.wordpress.com/?p=78</link>
<pubDate>Wed, 23 Apr 2008 22:25:37 +0000</pubDate>
<dc:creator>swissnepal</dc:creator>
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<description><![CDATA[                सिन्धुली जिल्ला को रतनचुर]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>                सिन्धुली जिल्ला को रतनचुरा गाबिस मा करिब ६३ बर्ष अगाडि जन्मनु भयका चर्चित लोकगायक कृष्ण बिक्रम थापा को आज उपचारको को क्रम मा काठमान्डौ को वीर अस्पातल मा निधन भयको छ। समाचार श्रोत हरु का अनुसार उहा बिगत केही दिन देखी झाडा पखाला को रोगबाट पीडित हुनुन्थ्यो र बिगत केहीदिन देखी वीर अस्पताल मा उपचार गराइरहनु भयको थियो।         </p>
<p>                   सिन्धुली जिल्ला को बिकट गाउमा जन्मेर पनि उहाले लोक गीत को माद्यमबाट कयौ योगदान दिनु भयको छ। २०३६ सलमा उहाले रेडियो नेपाल मा रेकर्ड गराउनु भयको पहिलो गीत"सिन्धुली गढि घुमेर हेर्दा सुन्तली माइ कती न राम्रो दरबार मार्यो नि मायाले मार्यो"भन्ने गीत अझै पनि चर्चित छ भने सो को माद्यम बाट उहाले सिन्धुली जिल्ला र एतिहासिक सिन्धुली गढि लाई नेपाल भरी चिनाउनु भयको थियो। उहाका तोरी लाहुरे, खैजेडी भजन,नेपाल रिमझिम जस्ता थुप्रै चर्चित एल्बम हरु पनि बजार मा आयका थिय,</p>
<p>           रक्सी का पारखी भनेर जिल्ला मा चिनिने थापा को जिबनस्तर भने त्यती माथि उठेको पाइदैन। भने उनी प्राय रक्सी खर्च अरु सँग मागेर नै चलाऊने गर्दथे। भने कयौ बितरकहरु ले पनि क्यासेट बेचेर पैसा दिदैनथिय भने अहिले भर्खरै रिमिक्स निकालियको सिन्धुली गढि घुमेर हेर्दा भन्ने गीत को सम्म पनि रिमिक्स निकाले बापत उनलाई दिनुपर्ने पैसा सम्बन्धित ब्यक्ती ले नदियको कुरा उनी बारम्बार गर्दथे। जे भय पनि अब उनी यो संसार मा रहेनन तर उनले नेपाली लोकगितलाई यहाँ सम्म ल्याउन गरेको योगदान सबै नेपाली ले कैले भुल्ने छैनन र सिन्धुली लाई दियको योगदान पनि सिन्धुली बासी ले कहिल्यै भुल्ने छैनन।<br />
  अन्त्यमा लोक गायक कृष्ण बिक्रम थापा मा हार्दिक स्रदान्जली तथा सोक सन्तप्त् परिवार प्रती हार्दिक समबेदना ।।।।।।।<br />
    <br />
            </p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[स्विट्जरल्याण्डमा मजदुर दिबस तथा बिजय उत्सब मनाउने ]]></title>
<link>http://swissnepal.wordpress.com/?p=70</link>
<pubDate>Mon, 21 Apr 2008 20:34:19 +0000</pubDate>
<dc:creator>swissnepal</dc:creator>
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<description><![CDATA[               अन्तरराष्ट्रियता बादी नेप]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>             <a href="http://swissnepal.files.wordpress.com/2008/04/insoflogo.gif"></a>  अन्तरराष्ट्रियता बादी नेपाली एक्यबद्दता मंच(इन्सोफ स्विस),स्विट्जरल्यान्डले यही आउदो मे १ तारिक का दिन ११९ अौ अन्तरराष्ट्रिय मजदुर दिबस भब्यताका साथ मनाउन  स्विट्जरल्यान्डको राजधानी बर्न मा सोही दिन उपस्थित हुन को लागि सम्पूर्ण प्रगतिशिल नेपाली हरु मा अनुरोध गर्दछौ। साथै उक्त दिन बिश्व लाई चकित पार्दै भयको संबिधान सभा चुनाव मा लामो समय देखी नेपाली जनता को मुक्ती को लागि सङ्घर्षरत नेकपा माओवादी अत्याधिक बहुमत का साथ बिजयी भयको सन्दर्भमा हामी प्रबास मा रहेका नेपाली हरु मा अत्यान्त खुशी र हर्सित भयका छौ।</p>
<p>      प्रबासी नेपाली हरु नेपाली सामन्तबादी राज्यसत्ताको बिरुद्द नेपाली जनताले चलायको मुक्तिकामी आन्दोलनमा प्रबासमा रहेर पनि एकाकार गर्दै आयको कुरा सर्बबिधितै छ।त्यसैले अन्तरराष्ट्रियता बादी नेपाली एक्यबद्दता मंच (इन्सोफ स्विस),स्विट्जरल्यान्डको आयोजनामा भर्खरै सम्पन्न संबिधानसभाको चुनाव मा नेपाली जनताले जारी गरेको अभीमतलाई सम्मानार्थ र स्वागत गर्नको लागि सोही दिनमानै बिजय उत्सब मनाउने कार्यक्रम भयको हुँदा सो अबसरमा स्विट्जर्ल्यान्ड मा रहनु भयका सम्पूर्ण नेपाली दाजुभाइ तथा दिदिबहिनी हरु मा उपस्थितिको लागि हार्दिक आमन्त्रण गर्दछौ।<br />
             बिस्त्रित जानकारी को लागि सम्पर्क ठाकुर सुबेदी(००४१७६३१०८४५२)र बिजय खनाल(००४१७६५३५२९६७)लाई संपर्क गर्नु हुन हार्दिक अनुरोध गर्दछौ।     </p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[नयाँ नेपालको लागि जिम्वेवार सरकार गठन प्रकृया सुरु]]></title>
<link>http://nepalfrance.wordpress.com/?p=61</link>
<pubDate>Sun, 20 Apr 2008 21:51:31 +0000</pubDate>
<dc:creator>nepalfrance</dc:creator>
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<description><![CDATA[&#8216;हामीले फस्ट डिभिजन ल्याइसक्यौं, अब ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:left;">'हामीले फस्ट डिभिजन ल्याइसक्यौं, अब डिस्टिङसन ल्याउन मात्र बाँकी छ' - माओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड !   दसवर्षो जनयुद्घपछि हतियार बिसाएर शान्तिपूर्ण राजनीतिमा आएको माओवादीको पक्षमा जनलहर यति बढ्यो कि जनमतले नेपाली जनता परिवर्तन चाहन्छन् भन्ने देखाएको छ । अहिले आएर माओवादीबाट सरकारको नेतृत्व कसले गर्ला भन्ने विषय प्रमुखतासाथ आउने गरेको छ । शान्ति प्रक्रियापछि पार्टीई सफलताको यो शिखरमा ल्याउन पार्टी वरिष्ठ नेता डा. बाबुराम भट्टर्राईको भूमिका पनि महत्त्वपूर्ण रहेको छ । माओवादीले धेरै सिट हासिल गरे पनि अन्तरिम संविधानले गरेको व्यवस्थानुसार अब पनि सहमतिको सरकार गठन हुनुपर्छ ! अपेक्षा गरेभन्दा थोरै सिट हासिल गरेपछि मुमरिएको एमालेले सातदलीय सहमतिलाई धरापमा पार्ने गरी सरकारबाट आफ्ना मन्त्रीहरूलाई फिर्ता बोलाएको छ । कांग्रेसले अहिलेसम्म आगामी सरकारमा सामेल नहुने भनेर आधिकारिक निर्णय गरेको छैन, जुन माओवादीका लागि सुखद पक्ष हो । अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्धलाई सरकारको सफलता वा असफलताको कडीको रूपमा लिइन्छ ! केही युरोपेली र स्क्यान्डेभियन मुलुकहरू शान्ति प्रक्रियामा आएदेखि नै माओवादीको र्समर्थनमा उत्रिएका देखिन्छन् । अझै पनि अमेरिकाले भने माओवादीलाई आतंककारीको सूचीबाट हटाएको छैन ।</p>
<p style="text-align:left;"> राजनीतिमा दशकौं बिताएका नेकपा एमालेका स्थायी कमिटी सदस्य केपी शर्मा ओली संविधानसभाको निर्वाचनमा नेकपा माओवादीका युवा उम्मेदवारसँग पराजित भएका छन् । कतिपय राजनीतिक विश्लेषकहरुले ओलीको आलोचनात्मक अभिव्यक्तिका कारण एमाले पराजित भएको जनाएका छन् । ओली विशेष गरी माओवादीप्रति आलोचनात्मक रूपमा प्रस्तुत हुँदै आएका थिए । माओवादीका लागि केपी शर्मा ओलीलाई हराउनु सबैभन्दा ठूलो राजनीतिक लडाइँ भएको थियो ।</p>
<p style="text-align:left;">अब व्यवहारबाट आफू बदलिएको उदाहरण प्रस्तुत गरेर माओादीले आफ्नो नेतृत्वमा कांग्रेस, एमाले लगायत अन्य दलहरूलाई सामेल गर्न सक्नुपर्छ</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[मुरैना उपजेल से शातिर कैदी फरार, लापता कैदी की जमानत हुयी ]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=441</link>
<pubDate>Sun, 20 Apr 2008 14:31:35 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
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<description><![CDATA[मुरैना उपजेल से शातिर कैदी फरार, लापता]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>मुरैना उपजेल से शातिर कैदी फरार, लापता कैदी की जमानत हुयी<br />
पहले भी भाग चुका है जी आर.पी. थाने से और किशोर जेल से<br />
तहसील ब्‍यूरो, मुरैना<br />
मुरैना 20 अप्रेल 08, कल मुरैना उपजेल में हुये एक आश्‍चर्यजनक घटनाक्रम में एक कैदी जेल से फरार हो गया । फरार कैदी को तलाश पाने में नाकाम जेल प्रशासन ने आनन फानन में कैदी की फर्जी जमानत करवा कर जमानत भी भरवा दी और उसे जमानत पर रिहा बता दिया ।<br />
विश्‍वस्‍त सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार कल दीपा उर्फ बहरा बाल्‍मीक नामक कैदी मुरैना जेल से भाग निकला यह कैदी 25 बी और धारा 109 के तहत जेल में कुछ समय से बन्‍द था । कल जेल परिसर की सफाई के लिये कुछ कैदीयों को निकाला गया था, जिसमें अन्‍य कैदी तो जेल गार्ड के साथ काम के बाद वापस लौट आये लेकिन दीपा उर्फ बहरा बाल्‍मीक नामक कैदी गार्ड के साथ वापस नहीं लौटा जिसमें कुछ संतरी ऐसे भी उस समय ड्यूटी पर थे जो नियमित नहीं थे और घटे घटनाक्रम से उनकी नौकरी पर बन आयी थी । ऐसे में जेल प्रशासन ने आनन फानन में मुरैना जे.एम.एफ.सी. कोर्ट से फरार कैदी की जमानत भी खुद करवायी और उसे भरवा भी खुद ही दिया । बाद में उसे जेल से जमानत पर रिहा दिखा कर मामले को रफा दफा कर दिया ।<br />
बाद में इसी घटनाक्रम को जेल प्रशासन ने अन्‍य कैदी हीरो उर्फ पप्‍पू बाल्‍मीक नामक कैदी के साथ घटा हुआ बता कर अखबारों में नकली खबर छपवा दी, हीरो उर्फ पप्‍पू बाल्‍मीक नामक कैदी अभी भी जेल में ही बन्‍द है और फरार हुआ कैदी दीपा उर्फ बहरा बाल्‍मीक नामक कैदी है ।<br />
दीपा उर्फ बहरा बाल्‍मीक नामक कैदी पहले भी जी.आर.पी. थाने से और किशोर जेल से इसी प्रकार फरार हो चुका है ।  </p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[बैतूल चुनाव : कांग्रेस नही कमलनाथ को झटका, मुख्‍यमंत्री की दौड़ से बाहर हो सकते हैं]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/2008/04/17/%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80/</link>
<pubDate>Thu, 17 Apr 2008 10:13:01 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
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<description><![CDATA[बैतूल चुनाव : कांग्रेस नही कमलनाथ को झ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बैतूल चुनाव : कांग्रेस नही कमलनाथ को झटका, मुख्‍यमंत्री की दौड़ से बाहर हो सकते हैं</strong><strong>राज श्री वर्मा, भोपाल (तहसील संवाददाता)</strong>भोपाल 17 अप्रेल 08, बैतूल लोकसभा उपचुनाव के परिणाम को लेकर भाजपा नेता भले ही फूले न समा रहे हों और अपनी पीठ खुद ठोंक कर भले ही विकास और अपनी नीतियों की जीत बताते फिरते हो । हकीकत तो कुछ और ही है । बैतूल का परिणाम अधिकांश लोगों को 20-25 दिन पहले से ही पता था । कांगेस नेता कमलनाथ के घटते प्रभाव का अनुमान लगभग सभी को था और कांग्रेस को भी इसका इल्‍म हो गया था जिसके चलते अनेक युवा सांसदों को एक साथ कांग्रेस ने बैतूल भेजा था ।<br />
कांग्रेस में अगले म.प्र. विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं और अब यह चुनाव अधिक दूर भी नहीं हैं । भाजपा जहॉं शिवराज सिंह की आम आदमी गरीब आदमी के कल्‍याण की कुछ अद्भुत और अति लोकप्रिय योजनाओं के सहारे विधानसभा चुनाव की वैतरणी पार करने की उधेड़बुन में लगी है और गरीब आदमी का आम आदमी का मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह वाली छवि के साथ अपने अभियान को गति देने में लगी है वहीं कांग्रेस में बड़ी ऊहापोह की स्थिति अभी तक बनी हुयी है । कांग्रेस अपना भावी मुख्‍यमंत्री अभी तक प्रोजेक्‍ट नहीं कर पायी है ।<br />
चर्चाओं में चल रहे कांग्रेस के भावी मुख्‍यमंत्रियों में से कमलनाथ का भी नाम बड़े जोर शोर से चलाया जा रहा था । कमलनाथ एवं दिग्विजय लॉबी कमलनाथ को मुख्‍यमंत्री के रूप में न केवल घोषित कर चुकी थी बल्कि राजधानी के आसपास यह हवा भी जोर से बना दीगयी थी कि कमलनाथ म.प्र. के अगले मुख्‍यमंत्री होंगे । कमलनाथ की लोकप्रियता समूचे मध्‍यप्रदेश में नहीं है और कमलनाथ को उनके अनुयायीयों के अलावा सम्‍पूर्ण मध्‍यप्रदेश में आम आदमी नहीं पहचानता । इसके बावजूद कमलनाथ की आगामी मुख्‍यमंत्री के रूप में हवा बनायी जाना कांग्रेस के लिये ही घातक सिद्ध हुयी । विशेषकर बैतूल उपचुनाव के परिप्रेक्ष्‍य में तो यह काफी स्‍पष्‍ट नतीजा है । बैतूल में कांग्रेस की नहीं बल्कि कमलनाथ की प्रतिष्‍ठा दॉंव पर थी, और बैतूल में कांग्रेस प्रत्‍याशी की हार के साथ कमलनाथ का तिलिस्‍म भी टूट गया ।<br />
राजनीतिक विश्‍लेषकों ने 20 रोज पहले ही अनुमान लगा लिया था कि बैतूल में क्‍या होने वाला है, कांग्रेस की सेहत पर बैतूल लोकसभा का उपचुनाव कोई खास असर नहीं डालेगा और न इसकी गूंज दिल्‍ली जायेगी न भोपाल तक आयेगी, बस कमलनाथ को मुख्‍यमंत्री बनने से नकार देगी और शेष कुछ नहीं होने वाला ।<br />
शिवराज सिंह इन दिनों विज्ञापनों पर धुऑंधार लुटाने में लगे हैं, मजे की बात ये है कि जिस अन्‍नपूर्णा योजना की तारीख तीन बार टल चुकी है अभी 15 अप्रेल को उसके चालू होने के पहले ही खबर आ चुकी थी कि योजना टल कर तिथि आगे बढ़ गयी है, इसके बावजूद अखबारों में 15 अप्रेल को करोड़ो के विज्ञापन छपे कि इस योजना का शुभारम्‍भ आज होगा । जनता के गाढ़े खून पसीने की कमाई की कमाई को इस तरह योजना की फर्जी घोषणाओं के लिये फर्जी विज्ञापन देकर दोनों हाथ से लुटाने वाले शिवराज सिंह को गरीब का हमदर्द तो कतई नहीं माना जा सकता । जो योजना 14 तारीख को ही स्‍थगित हो गयी हो उसका विज्ञापन 15 तारीख को कैसे छपा, यह जबरदस्‍ती विज्ञापन तकसीम करने का एक जबरदस्‍त नुस्‍खा है । अब नई तारीख पर फिर नये विज्ञापन, योजना का जो चाहे हो सो हो मीडिया के तो वारे न्‍यारे हैं ही ।<br />
आज शिवराज ने भाजपा का फिर विज्ञापन छपाया है जिसमें शिवराज कह रहे हैं हम जीत गये हम जीत गये, बंटाढार का नया संस्‍करण हार गया वगैरह वगैरह । दिल्‍ली तक गूंजेगी गरीब की लाठी की आवाज, गरीब की लाठी में आवाज नहीं होती ।<br />
संभवत: शिवराज चिन्तित से अधिक उतावले हैं । कहॉं राजा भोज कहॉं गंगू तेली, कहॉं विधानसभा का समग्र चुनाव और कहॉं एक लोकसभा उपचुनाव । इस एक सीट ( जो पहले से ही शिवराज की भाजपा पर थी) को ज्‍यों का त्‍यों वापस जीत लेने से क्‍या होगा, क्‍या इस एक सीट के बल पर भाजपा की केन्‍द्र में सरकार बन जायेगी या फिर केन्‍द्र से कांग्रेस की सरकार गिर जायेगी । आखिर किस फर्क की किस नये संदेश की शिवराज बात कर रहे हैं, एक सामान्‍य समझ का आदमी भी इस बात को नहीं समझ सकता कि आखिर क्‍या शिवराज ने पा लिया और क्‍या कांग्रेस ने खो दिया । एक पल के लिये सिर्फ यही मान लीजिये कि यह सीट खाली ही नहीं हुयी । केवल कांगेस के एक भावी मुख्‍यमंत्री बनने के सपने लिये कमलनाथ को मुख्‍यमंत्री की दौड़ से बाहर कर गयी, इससे तो उल्‍टे कांग्रेस को फायदा ही होगा न कि नुकसान, भावी मुख्‍यमंत्रियों की कतार थोड़ी छोटी हो गयी ।<br />
अगर कांग्रेस इस हार जीत को खास तवज्‍जो देती है तो जरूर आश्‍चर्य की बात होगी, उपचुनावों में अक्‍सर वैसे ही प्रदेश में जिसकी सरकार हो उसके पक्ष में परिणाम जाते हैं, यह कौन सी नई बात है । और बहुत कुछ पहले से तय शुदा और सबको पता था । फिर फालतू विज्ञापनों पर शिवराज सिंह ने भाजपा के पैसे खर्च करवा डाले कि आवाज दिल्‍ली तक जायेगी ।<br />
कांग्रेस का विधानसभा चुनाव तो कौन होगा अगला मुख्‍यमंत्री और कहॉं कौन होगा प्रत्‍याशी पर निर्भर करेंगे । और शायद कांग्रेस इससे बेखबर नहीं होगी । </p>
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<title><![CDATA[क्रिकेट के ये नये सिलसिले]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=439</link>
<pubDate>Thu, 17 Apr 2008 09:56:54 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
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<description><![CDATA[क्रिकेट के ये नये सिलसिले
मनीष कुमार ज]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>क्रिकेट के ये नये सिलसिले</strong><br />
<strong>मनीष कुमार जोषी, सीताराम गेट के सामने, बीकानेर (राज) 9413769053</strong>जी समूह के सुभाष चंद्रा ने जब एक ख्वाब  देखा तो क्रिकेट के ये नये सिलसिले शुरू हुए। क्रिकेट अपने परंपरागत रूप  से बाहर आई। क्रिकेट इस सिलसिले में जिस ने भी निगाह डाली उसे दूर दूर तक गुल ही गुल नजर आये। सुभाष चंद्रा ने क्रिकेट का एक अलग साम्राज्य स्थापित  कर उसका सम्राट बनने का सपना देखा तो कई और ख्वाब उससे जुड गयें। कपिल देव, ललित मोदी और शाहरूख खान के ख्वाब भी क्रिकेट के इस नये सिलसिले से जुड़ गये। सभी जुट गये गन्ने रूपी क्रिकेट को मषीन में डाल कर मिठास निचाड़ने की कोषिष में । हर एक ख्वाब क्रिकेट से जुड़ गया और क्रिकेट के नये सिलसिले शुरू हो गये। हर एक कासे क्रिकेट में दूर तक बहार ही बहार नजर आ रही है।</p>
<p>	सुभाष चंद्रा ने आईसीएल की शुरूआत कर अपने ख्वाब हो हकीकत में बदलने की कोषिष की तो कपिलदेव को भी एक बार फिर क्रिकैट में लहलहाती फसल नजर आने लगी। क्रिकेट की काल्पनिक नई सल्तनत में वो अपने आपको सुभाष चंद्रा जैसे सम्राट के प्रधानमंत्री के रूप में देखने लगे। सुभाष चंद्रा और कपिलदेव का ख्वाब हकीकत का रूप लेता उससे पहले ही बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी का ख्वाब भी क्रिकेट नये सिलसिले से जुड़ गया। मोदी की निगाह सुभाष चंद्रा से भी आगे गई और उन्हे तो क्रिकेट में बहुत दूर तक बहार की लहलहाती फसल नजर आने लगी। मोदी ने जब इस फसल को काटने की योजना बनाई तो फिल्म स्टार शाहरूख खान के मन में भी क्रिकेट की इस लहलहाती फसल को काटने की चाहत हुई। शाहरूख खान की आंखे भी क्रिकेट के सपने देखने लगी। ललित मोदी और शाहरूख  का ख्वाब हकीकत में बदलता नजर आने लगा तो इस कड़ी में विजय माल्या और प्रीती जिंटा के ख्वाब भी इससे जुड़ गये। चाहतो और ख्वाबो के इसी सिलसिले की कड़ी है आईपीएल।</p>
<p>	एक ख्वाब से क्रिकेट का यह नया सिलसिला शुरू हुआ। नये क्रिकेट के हर मोड़ नया गुल खिला रहा है। एक ख्वाब से शुरू हुए इस सिलसिले से सैकड़ो ख्वाब जुड़ चुके है। जहां सुभाष चंद्रा का ख्वाब हकीकत पर टूटता नजर आ रहा है वहीं ललित मोदी का ख्वाब हकीकत में तब्दील नजर होता आ रहा है। क्रिकेट से मनोरंजन रूपी जैसे का ज्यूस निकालने के इस ख्वाब ने खेलो की दुनिया को हिलाकर रख दिया।  क्रिकेट के इस नये सिलसिले ने क्रिकेट की परिभाषा को बदल दिया है। </p>
<p>	ख्वाबो के इस सिलसिले में सभी को क्रिकेट माषूका की तरह नजर आ रही है। लेकिन वह तो बेचारी निरीह रूप  से खड़ी मूक दर्षक बनी हुई है। गन्ने जैसी मिठास भरी क्रिकेट को मषीन से बार बार निकालकर  उसके मिठास को निचोड़ने की पूरी कोषिष की जा रही है। अब गेंद और बल्ले का संघर्ष नहीं है। थिरकती सिने बालाओ के बीच चौको और छक्को का क्रिकेट हें। क्रिकेट का स्वयं  का ख्वाब टूट गया है। क्रिकेट में फुटबाल और हॉकी की प्रतिकृति बनती जा रही है। अब मैदाने में मैच बचाने के लिए संघर्ष नहीं होता है बल्कि क्रिकेट को पीटने का संघर्ष होता है । क्रिकेट पिटती जा रही हेै। क्रिकेट का समृध्द होने का ख्वाब टूट रहा है परन्तु क्रिकेट से जुड़े लोगो का ख्वाब बुलंदिया छु रहा है। दूर तक निगाह में खिले हुए गुल में हर कोई खो जाना चाहता है। क्रिकेट के इस सिलसिले के अभी कुछ ही मोड़ देखे है परन्तु आगे इस सिलसिले को कड़वे मोड़ देखने पड़ सकते है।<br />
सीताराम गेट के सामने, बीकानेर (राज)<br />
9413769053</p>
]]></content:encoded>
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<title><![CDATA[बाकी कुछ बचा सो मँहगाई मार गई ....आधी हकीकत आधा फसाना तेल देखो तेल की धार देखो ]]></title>
<link>http://gwaliortimes.wordpress.com/?p=438</link>
<pubDate>Wed, 16 Apr 2008 01:48:25 +0000</pubDate>
<dc:creator>gwaliortimes</dc:creator>
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<description><![CDATA[बाकी कुछ बचा सो मँहगाई मार गई &#8230;.आधी हक]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:16pt;color:red;font-family:Mangal;">बाकी कुछ बचा सो मँहगाई मार गई ....आधी हकीकत आधा फसाना तेल देखो तेल की धार देखो </span></strong><strong><span style="font-size:16pt;color:red;"></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><span style="font-size:small;"><strong><span style="text-decoration:underline;"><span style="color:blue;font-family:Mangal;">कड़वा सच</span></span></strong><strong><span style="text-decoration:underline;"><span style="color:blue;"></span></span></strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:center;margin:0;" align="center"><strong><span style="font-size:14pt;color:green;font-family:Mangal;">नरेन्‍द्र सिंह तोमर </span></strong><strong><span style="font-size:14pt;color:green;"><span style="font-family:Times New Roman;">‘’</span></span></strong><strong><span style="font-size:14pt;color:green;font-family:Mangal;">आनन्‍द</span></strong><strong><span style="font-size:14pt;color:green;"><span style="font-family:Times New Roman;">’’</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;"><span style="font-family:Times New Roman;"> </span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">आज चारों </span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">ओर मंहगाई का हल्‍ला है, जिधर देखो उधर चिल्‍लपों मची है, सारे के सारे नेता गला फाड़ के नर्रा रहे हैं । नर्रा क्‍या डकरा रहे हैं, रोटी कपड़ा और मकान का गाना बजा रहे हैं बजा क्‍या जनता को सुना रहे हैं , देश का समूचा मीडिया महज भोंपू बन कर रह गया है, अरे भोंपू क्‍या सार्वजनिक मूत्रालय बन कर रह गया है, जो आता है टायलट कर जाता है, नेता छोटा हो चाहे बड़ा मीडिया भोंपू की तुरही में हल्‍की सी फूंक मार जाते हैं और मीडिया भनभना कर उनकी फूंक को सुर में बदल कर एम्‍पलीफाई कर देता है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">धन्‍य है जगत नरायन,</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> तुमसे तो नारद अच्‍छे थे, कम से कम खुद की कारीगरी तो दिखाते थे, अच्‍छे भले चलते फिरते मीडिया थे । अरे भईया माना विज्ञापन मजबूरी है लेकिन चारण भाट बन जाना तो मजबूरी नहीं हो सकती । जो सरकारों की सेवाओं में यस राजाओं (नेताओं) की चाटुकारिता में सवैये और कवित्‍त बॉंचने लगे । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">मंहगाई मंहगाई मंहगाई</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">, कहॉं से आयी मंहगायी, बजट में तो कुछ नहीं बढ़ाया गया फिर ये मंहगाई कहॉं से आयी । जब बजट आने से तीन दिन पहले सारे बाजार का माल अण्‍डरग्राउण्‍ड हो गया था और सिगरेट माचिस जैसी चीजें ब्‍लैक में बिक रहीं थीं, तब कोई क्‍यों नहीं नर्राया मंहगाई मंहगाई । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">पिछले दस साल</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> में जब सोने के दाम पॉंच हजार से पन्‍द्रह हजार तक आये तब कोई क्‍यों नहीं नर्राया मंहगाई मंहगाई मंहगाई । जब सरकारी अफसरों और नेताओं के वेतन भत्‍ते पिछले दस साल में दस दफे बढ़े तब कोई क्‍यों नहीं नर्राया मंहगाई मंहगाई मंहगाई । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">चम्‍बल घाटी का</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> मुरैना जिला सरसों का सबसे बड़ा उत्‍पादक है, यहॉं सरसों के अखण्‍ड भण्‍डार हैं, सरसों से सरसब्‍ज इस जिले में जब सरसों का तेल 88 रूपये किलो बिका तो कोई क्‍यों नहीं नर्राया मंहगाई मंहगाई मंहगाई । सरसों के भण्‍डार तो आज भी इस जिले में किलो टनों में हैं, मगर किसान के यहॉं नहीं सेठजी के यहॉं, बावजूद इसके किसान के हाथ तो मुरैना जिला में अभी भी इतनी सरसों हैं कि कम से कम <strong>ग्‍वालियर चम्‍बल में</strong> तेल के दाम चौथाई पर ले आये । लेकिन सेठजी के गोदाम में तो सरसों के इतने अकूत भण्‍डार है ( किसे नहीं पता) कि सारे देश में तेल के दाम चौथाई करा दें । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">मुरैना से प्रतिदिन बाहर</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> जाने वाले हजारों टन तेल को रूकवा क्‍यों नहीं देते नेता जी, अभी हाल पता चल जायेगा कि मंहगाई के पीछे असल राज क्‍या है । फिर नर्राना मंहगाई मंहगाई मंहगाई । पर कैसे रूकवाओगे नेताजी सेठ जी तो आपकी रिजर्व बैंक भी हैं और वोट बैंक भी । वही सेठजी तेल और सरसों दोनों को ब्‍लॉक कर के बैठे हैं महाराज । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">ये वही सेठ जी हैं</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> गरीब के दुश्‍मन सेठों के मसीहा और नेताओं के रिजर्व बैंक, जिन्‍होंने चन्‍द साल पहले केन्‍द्र सरकार से खुले तेल की बिक्री पर रोक लगवा के अपने पाउचों में तेल बेचने की मंजूरी दिला ली थी, तब हम नर्राये थे खूब भभ्‍भर मचाया था और चम्‍बल के किसानों को उनके द्वारा ही पैदा की गयी सरसों का तेल खुद पिरवा कर खाने से रोकने और अपनी सरसों का तेल सेठ जी से पिरवा कर पाउच में तीन गुने जादा दामों पर खरीद कर खाने से हमने जैसे तैसे बचाया था । इसके चन्‍द सालों बाद सेठ जी ने फिर ड्राप्‍सी शिवपुरी जिले में फैलवायी थी और मुरैना के कलेक्‍टर से ऊपर ही ऊपर आर्डर निकलवा कर मुरैना जिला में खुले तेल की बिक्री बन्‍द करवाई थी तथा फिर पाउचों में तेल खपाया था, उस समय खुले बाजार में खुले तेल के दाम थे 28 रूपये किलो और सेठजी के पाउच का तेल था 70 रूपये <span> </span>प्रति किलो, लोगों ने उस भ्रष्‍ट कलेक्‍टर के रहते मजबूरी में सेठ जी का तेल झेला, हमने फिर ऊधम भभ्‍भर मचाया और कलेक्‍टर बदलते ही सेठजी का आर्डर निरस्‍त कराया । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">सेठ जी के किसी जमाने</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> में अर्जुन सिंह ( वर्तमान केन्‍द्रीय मंत्री) जीजा हुआ करते थे, उसके बाद दिग्विजय सिंह भी कुछ समय सेठ जी के जीजा बने रहे, आजकल रूस्‍तम सिंह (म.प्र. के पंचायत मंत्री ) उनके जीजा हैं या क्‍या हैं पता नहीं, मगर दोनों की जोड़ी धरम वीर जैसी जोड़ी है, इत्‍ता पता है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">सात अजूबे इस दुनिया में आठवीं इनकी जोड़ी, तोड़े से भई टूटे ना ये धरमवीर की जोड़ी । मुझे ये गाना बहुत पसन्‍द है । और इस जोड़ी पर फिट भी है । </span><span style="font-size:10pt;"></span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:0;"><strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;">सेठजी के गोदाम</span></strong><span style="font-size:10pt;font-family:Mangal;"> तेल और सरसों से लबालब हैं नेता जी, सेठजी किलो टनों में तेल रोजाना बाहर भी भेज रहे ह